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भारतीय दूतावास ने पासपोर्ट और वीजा शुल्क में वृद्धि के दावों को किया खारिज!

Indian Passport Visa Fees: बहरीन में भारतीय दूतावास ने पासपोर्ट और वीजा शुल्क में 15-20 गुना वृद्धि के दावों को खारिज कर दिया है। दूतावास ने कहा है कि वह सभी संबंधित पक्षों को सलाह देता है कि वे असत्यापित और अटकलबाजी वाली रिपोर्टों से बचें। विदेश मंत्रालय ने भी फीस बढ़ोतरी के दावों को खारिज किया है।

मनामा: बहरीन में भारतीय दूतावास ने हाल ही में पासपोर्ट और वीजा शुल्क में भारी वृद्धि के दावों को खारिज कर दिया है। दूतावास ने इन दावों को ‘अटकलबाजी’ बताया। इन दावों के बाद भारतीय प्रवासियों के बीच चिंताएं बढ़ गई थीं और विपक्षी नेताओं ने सरकार पर सवाल उठाए थे। प्रवासी अधिकारों की वकालत करने वाले एक गैर सरकारी संगठन प्रवासी लीगल सेल ने एक्स पर कहा था कि संशोधित सरकारी प्रस्ताव अनुरोध (RFP) के कारण कांसुलर, पासपोर्ट और वीजा (CPV) सेवा शुल्क में 15 से 20 गुना वृद्धि हो सकती है। प्रस्तावित बंडल पैकेज में अतिरिक्त सेवाएं जैसे कि दस्तावेज डिजिटलीकरण, बायोमेट्रिक कैप्चर, फोटोकॉपी और फोटोग्राफी, फॉर्म भरना और कूरियर सेवाएं शामिल होंगी।

प्रवासी लीगल सेल के अनुसार, इससे लागत मौजूदा पांच-सात डॉलर से बढ़कर 90-100 डॉलर (लगभग सात-आठ रुपये से ज्यादा) तक हो सकती है, भले ही आवेदकों को सभी सेवाओं की आवश्यकता न हो।

कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने मांगा था स्पष्टीकरण

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, इस खबर के बाद कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने दावा किया कि फीस 10 से 15 गुना बढ़ जाएगी और उन्होंने सरकार से इस पर स्पष्टीकरण मांगा। एनजीओ ने अधिकारियों से पुनर्विचार करने का आग्रह किया और तर्क दिया कि कई भारतीय प्रवासी श्रमिक मामूली वेतन पाते हैं और उन्हें उच्च शुल्क वहन करने में कठिनाई होगी।

एनजीओ माइग्रेंट लीगल सेल सरकार से इस प्रस्ताव को लागू न करने की अपील की। ज्ञापन में कहा गया है, “कई प्रवासी मामूली वेतन कमाते हैं और उन्हें संशोधित शुल्क वहन करने में कठिनाई का सामना करना पड़ेगा, जो कुछ देशों में पांच गुना तक बढ़ गया है।”

बहरीन में भारतीय दूतावास ने शुल्क वृद्धि से इनकार किया

रिपोर्ट के मुताबिक, बहरीन में भारतीय दूतावास ने एक बयान जारी कर दावों को खारिज कर दिया। बयान में कहा गया, “बहरीन में प्रदान की जाने वाली विभिन्न कांसुलर सेवाओं के लिए शुल्क में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जैसा कि दावा किया गया है। दूतावास सभी संबंधित पक्षों को सलाह देता है कि वे असत्यापित और अटकलबाजी वाली रिपोर्टों से बचें, जो भारतीय समुदाय के लिए असुविधा का कारण बन सकती हैं और सेवा वितरण को प्रभावित कर सकती हैं।” विदेश मंत्रालय ने भी इन रिपोर्टों को खारिज करते हुए कहा कि ये अटकलें हैं और किसी आधिकारिक निर्णय पर आधारित नहीं हैं।

प्रस्ताव के लिए अनुरोध (RFP) भारत सरकार या उसके विदेश स्थित दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों की ओर से जारी किया जाने वाला एक औपचारिक दस्तावेज है, जो वाणिज्य दूतावास सेवाओं के प्रबंधन के लिए सेवा प्रदाताओं से बोलियां आमंत्रित करता है। इन सेवाओं में वीजा प्रक्रिया, पासपोर्ट जारी करना और ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) योजना के लिए आवेदन शामिल हैं। भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास समय-समय पर योग्य प्रदाताओं से बोलियां आमंत्रित करने के लिए आरएफपी जारी करते हैं।

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